छत्तीसगढ़ में दस्तावेज पेश नहीं कर पाएं 25 लाख वोटरों के नाम काटे गए

छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग ने हाल ही में मतदाता सूची के विशेष ग्रहण पुन परीक्षण के बाद अंतिम सूची का प्रकाशन कर दिया है, इस बार के आंकड़े सामान्य नहीं है यह छत्तीसगढ़ के चुनावी इतिहास का सबसे बड़े बदलाव में से एक है, क्योंकि इस विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद प्रदेश के लगभग 25 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, दस्तावेजों की कमी और सत्यापन प्रक्रिया के कड़े नियमों के कारण राज की मतदाता सूची से करीब 24 लाख 99823 मतदाताओं का नाम कटा है
इस बड़ी कटौती के बाद छत्तीसगढ़ में मतदाताओं की कुल संख्या घटकर एक करोड़ 87 लाख 30 हजार 914 रह गई है, यह खबर केवल प्रशासनिक फिर बदल नहीं है बल्कि आने वाले चुनाव के लिए एक बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकती है।
दस्तावेज न होना बना सबसे बड़ा कारण
निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान यह पाया गया कि लाखों ऐसे मतदाता थे जिनके पास अपनी पहचान या निवास की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज नहीं थे आयोग ने सूची को प्रदेश बनाने के लिए घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया था मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने कहा कि यह अभियान लोकतंत्र की शुद्धता बनाए रखने के लिए अनिवार्य था।
रायपुर से लापता हुए लाखों मतदाता
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है की शहरी इलाकों खासकर राजधानी रायपुर में सबसे ज्यादा नाम काटे गए हैं चुनाव आयोग के रिपोर्ट के अनुसार लगभग 3.76 लाख लोग अपने दिए गए पते पर नहीं मिले, BLO इन लोगों को खोजने के लिए तीन बार उनके घरों का दौरा किया और चार बार नोटिस चश्मा किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
रायपुर में सबसे ज्यादा कटे नाम
• रायपुर ग्रामीण – रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में 134118 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
• रायपुर पश्चिम 115066 मतदाता सूची से नाम काटे गए।
• बिलासपुर 87951 नाम मतदाता सूची से बाहर किए गए।
• इसके अलावा भिलाई और दुर्गा यहां भी हजारों की संख्या में लापता वोटरों के नाम काटे गए।
मृतकों और पलायन करने वालों की संख्या
छत्तीसगढ़ विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची को साफ करने के लिए मृतक और ऐसे लोग जिनका छत्तीसगढ़ में कोई बैठ दस्तावेज नहीं है उन लोगों को सूची से बाहर करना निर्वाचन आयोग छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची को स्वच्छ और शुद्ध बनाने के लिए विशेष जोर दिया
मृतक मतदाता: पूरे प्रदेश भर में जांच में 6.42 लाख लोग ऐसे पाए गए जिनकी मृत्यु हो चुकी थी और निर्वाचन आयोग के मतदाता सूची में अभी भी नाम लिस्ट थे. सबसे ज्यादा बस्तर के बीजापुर में 12511 लोगों का नाम काटा कोटा में 10864 और दंतेवाड़ा में 9187 लोगों का नाम काटा यह सभी संख्या मृत्यु लोगों का है जिनका नाम अभी भी मतदाता सूची में था।
पलायन: निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के लगभग 15.24 लाख लोग का नाम इसलिए काट दिया क्योंकि वह छत्तीसगढ़ से पलायन कर चुके हैं, इतना भारी संख्या छत्तीसगढ़ के पलायन करने वालों की यह जांच से पता चला।
दो वोटर आईडी: प्रदेश के कुल 1.79 लाख ऐसे लोग मिले जिनके नाम दो अलग-अलग जगह की मतदाता सूची में दर्ज थे।
6 मंत्रियों की साख पर दाव जीत के अंतर से ज्यादा कटे वोट
छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाले पहलू यह है कि छत्तीसगढ़ के 14 में से 6 मंत्री ऐसे हैं जिनका जीत का पिछला अंतर उनके क्षेत्र से काटे गए वोटो की तुलना में बहुत कम है, इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आज चुनाव हो तो इन मंत्रियों के लिए समीकरण पूरा बदल चुके होंगे।
| मंत्रियों के नाम |
विधानसभा | जीत के अंतर |
काटे गए नाम |
| श्याम बिहारी | मनेंद्रगढ़ | 11880 | 15982 |
| राजेश अग्रवाल | अंबिकापुर | 98 | 38573 |
| लखनलाल देवांगन |
कोरबा | 25629 | 67730 |
| गुरु खुशवंत साहेब |
आरंग | 16538 | 36120 |
| टैंकराम वर्मा | बलौदाबाजार | 14746 | 34108 |
| दयाल दास बघेल |
नवागढ़ | 15177 | 24403 |
| लक्ष्मी रजवाड़े | भटगांव | 43962 | 27371 |
| रामविचार नेताम |
रामानुजगंज | 19663 | 17662 |
| विष्णु देव साय |
कुनकुरी | 25541 | 18656 |
| ओपी चौधरी | रायगढ़ | 64445 | 33078 |
| अरुण साव | लोरमी | 45891 | 26646 |
| गजेन्द्र यादव | दुर्ग शहर | 48697 | 42954 |
| विजय शर्मा | कवर्धा | 39592 | 32891 |
| केदार कश्यप | नारायण पुर | 19188 | 17613 |
लोकतंत्र की मजबूती के लिए बड़ा कदम
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यह प्रक्रिया केवल तकनीकि नहीं है जब मतदाता सूची शुद्ध होती है तो चुनाव के परिणाम और अधिक विश्वसनीय होते हैं इसे फर्जी वोटिंग की संभावना सुन हो जाती है और संसाधनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित होता है।
अगर आपका भी मतदाता सूची से नाम काटा है तो क्या करें
छत्तीसगढ़ में लगभग 25 लाख लोगों की मतदाता सूची में नाम हटाए गए हैं ऐसे में जाहिर सी बात है कि प्रदेश के लगभग सभी मतदाताओं को चिंता होगा कि आखिर कहीं हमारा नाम तो नहीं कटा है, इसके लिए निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना स्टेटस चेक करें,
लोकतंत्र में आपका वोट आपकी सबसे बड़ी ताकत है. यदि नाम कट गया है तो फार्म- 6 भर करदोबारा नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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