UPSC Selection Process: पास होने के बाद कैसे चयन होता है, IAS और IPS का पद? जानें यूपीएससी सर्विस अलॉटमेंट की पूरी प्रक्रिया

UPSC CSE Exam Result 2025: संघ लोक सेवा आयोग ने 6 मार्च 2026 को सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है इसी के साथ इस साल कुल 958 उम्मीदवारों की किस्मत चमकी है, अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर पूरे देश में अपना परचम लहराया है। अब UPSC पास सभी उम्मीदवार को अपनी प्रेफरेंस के हिसाब से सर्विस एलॉटमेंट मिलेगा।
लेकिन क्या आप जानते हैं की इन 958 उम्मीदवारों को कौन-कौन से सर्विस मिलेगा, कितने रैंक वालों को IAS की सर्विस मिलेगा और कितने रैंक वालों को IPS की सर्विस मिलेगा इसके अलावा कितने रैंक वालों को IFS का सर्विस मिलेगा, और 958 उम्मीदवारों को कैसे और किस आधार पर सर्विस का अलॉटमेंट होगा ये कैसे तय होता हैं,
UPSC पास सभी चयनित उम्मीदवारों को कितने तरह की सर्विस मिलता है और कौन-कौन से विभाग में काम करते हैं इनके बारे में आज के इस पोस्ट में पूरी डिटेल से जानते हैं।
UPSC की 2 मुख्य भाग
यूपीएससी के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों की सर्विस एलॉटमेंट 2 भागों में बांटा जाता है जहां से यह तय होता है कि कौन किस सर्विस में जायेगा।
1. all India Services – all India services यह केंद्र और राज सरकार द्वारा पूरे भारत में कार्य करता है, इसके तहत IAS और IPS बनते हैं, जो पूरे भारत में प्रशासनिक कार्य करते हैं, इसमें चुने गए लोगों को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का कैडर दिया जाता है।
IAS – इनका काम जिले का प्रशासन चलाना और राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नीति को लागू करवाना।
IPS – किसी चुने गए क्षेत्रीय किसी जिले की कानून व्यवस्था को बनाए रखना और अपराध नियंत्रण इनका मुख्य कार्य है।
2. Central Service
Group A – इसके तहत चुने गए उम्मीदवार या अभ्यर्थी सीधे भारत सरकार के मंत्रालयों के अधीन होते हैं, इसके तहत नीचे दिए गए पद के अनुसार उनका चयन होता है
IFS -(Indian foreign service) यह भारत सरकार का विदेश में प्रतिनिधित्व करते हैं।
IRS – (Indian revenue service) इसके तहत टैक्स कलेक्शन IT,GST जैसे सेवा के लिए अधिकारी बनते हैं।
IT, IS – इसी से सरकारी खजाने का ऑडिट करने वाले अधिकारी भी बनते हैं।
IRS – (Indian railway services) – रेलवे के पहले अधिकारी बनते हैं
IIS – (Indian Information service) – अधिकारी
Group B – इस ग्रुप के तहत आर्म्ड फोर्सज, headquarter civil service, पुडुचेरी सिविल सर्विस, दिल्ली एंड अंडमान निकोबार, आईलैंड सिविल और पुलिस सर्विस जैसे सर्विस शामिल है।
यह है UPSC में चयनित उम्मीदवारों की सर्विस जहां पर चयन होते हैं लेकिन किस रैंक पर कौन सा सर्विस मिलेगा यह कैसे तय होगा इसके लिए नीचे डिटेल में है।
DAF (Detailed application form)
UPSC में सिलेक्शन के बाद आपको कौन सा पद मिलेगा यह अभ्यर्थी द्वारा भरे गए DAF पर निर्भर करता है कि उन्होंने कौन से सर्विस के लिए अपना प्रेफरेंस चुना था और उसका क्रम क्या है, यह भी दो भागों में होता है।
DAF – l (Mains के समय) – इससे आपकी शैक्षणिक योग्यता और व्यक्तिगत जानकारी होती है जिसके लिए आप तैयारी कर रहे होते हैं।
DAF – ll (interview के समय) – यह सबसे महत्वपूर्ण होता है किसी भी यूपीएससी पास उम्मीदवार के लिए कि उन्हें कौन से सर्विस अलॉटमेंट किया जाएगा यह उनके इस चयन पर निर्भर करता है यह भी दो तरीके से होता है
सर्विस प्रेफरेंस (service preference)- यह सबसे अहम होता है किसी भी यूपीएससी पास उम्मीदवार के लिए Detailed application form में अपना सर्विस को 1 से 20+ तक सेवाओं को अपने पसंद के वरीयता क्रम में रखना
मान लीजिए आपका UPSC में रैंक 1 है और अपने DAF में अपनी पहली पसंद IFS भरी है तो फिर आपको IAS सर्विस नहीं मिलेगा।
इसी तरह अगर रैंक 200 के अभ्यर्थी ने अपना पहला प्रेफरेंस IAS डाला है और सीट खाली है तो उसे ये सर्विस एलॉटमेंट हो सकता है।
कैडर प्रेफरेंस – यहां पर अभ्यर्थी को राज्यों का चुनाव करना होता है कि आप किस राज्य में काम करना चाहते हैं जैसे यूपी, बिहार, महाराष्ट्र या फिर जो भी कैडर है यही से तय होता है
DAF यह किसी भी अभ्यर्थी के लिए सबसे अहम चुनाव होता है कि वह किस सर्विस में जाना चाहता है अभ्यर्थी द्वारा भरी हुई जानकारी में से 80% सवाल भी इसी के माध्यम से पूछे जाते हैं। DAF यह तो सिर्फ एक अभ्यर्थी का चुनाव है लेकिन असली सलेक्शन तो कैटेगरी और रैंक, इसके अलावा DAF यह तीनों मिलकर किसी भी अभ्यर्थी का सर्विस तय करते हैं।
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DAF, Rank और केटेगरी
किसी भी यूपीएससी पास उम्मीदवारों के लिए यह तीनों एल्गोरिथम का मिलना सबसे जरूरी है यही सत्य होता है कि कौन सा अभ्यर्थी किस सर्विस में जाएगा, हालांकि रैंक 1 से लेकर रैंक 60 से 70 के बीच जनरल कैटेगरी वालो के लिए IAS बनना तय है लेकिन उनकी प्रेफरेंस क्या है यह भी निर्भर करता है
मान के चलिए अगर 70 रैंक वाला अभ्यर्थी ने अपना प्रेफरेंस की पहली पसंद IFS भरी है तो उसे IAS नहीं बल्कि IFS ही मिलेगा ऐसे में उसके नीचे वाले रैंक वाले अभ्यर्थी IAS का सर्विस मिल सकता है।
किसी भी सर्विस अलॉटमेंट में कैटेगरी भी महत्वपूर्ण होता है,इसके लिए मान के चलते हैं कि जनरल कैटेगरी में 80 रैंक तक को IAS का सर्विस मिला है और IAS का कुल सीट 180 है तो कैटेगरी के हिसाब से सर्विस मिलेगा,
सिर्फ टॉप रैंक वालों की ही नहीं मिलेगा IAS सर्विस, जनरल कैटेगरी में 80 रैंक तक को IAS सर्विस मिल रहा है तो ST वालों को 600 रैंक वालों को भी मिल सकता है, यह कैटेगरी पर भी निर्भर करता है।
नीचे हमने टेबल पर एक अनुमानित आंकड़ा दिया है अगर इस वर्ष 958 अभ्यर्थियों ने यूपीएससी पास किया है तो उन्हें किस आधार पर IAS , IPS सर्विस किस रैंक तक मिल सकता है।
| कैटेगरी | IAS अनुमानित रैंक |
IPS अनुमानित रैंक |
Group A/B अनुमानित रैंक |
| General | 1-80 | 81-250 | 251-650 |
| EWS | 1-320 | 321-500 | 500-850 |
| OBC | 1-350 | 351-620 | 621-900 |
| SC | 1-550 | 551-750 | 751-958 |
| ST | 1-600 | 601-850 | 851-958 |
जब टॉप रैंक के और कैटेगरी, प्रेफरेंस के आधार पर IAS, IPS और IFS के सीट भर जातें हैं तो फिर बाकी बचे अभ्यर्थियों को नीचे Central Services के ग्रुप ए और ग्रुप बी के आधार पर उनके कैटिगरी और रैंक के आधार पर सर्विस अलॉटमेंट किया जाता है।
इंटरव्यू का आधार
यूपीएससी में पास उम्मीदवारों को सर्विस का एलॉटमेंट इंटरव्यू के आधार पर भी तय किया जाता है, कभी-कभी मेंस एग्जाम में अभ्यर्थी के कम अंक आया है लेकिन इंटरव्यू में 200+ लाकर सीधे IAS बन सकता है।
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अंत में
UPSC पास अभ्यर्थियों को कौन सा सर्विस अलॉटमेंट किया जाएगा यह उनके रैंक और कैटिगरी के अलावा उनके द्वारा भरा गया DAF के प्रेफरेंस पर निर्भर करता है, टॉप रैंक वालों को जरूर सबसे पहले प्राथमिकता मिलता है IAS का, फिर IPS का और IFS का, लेकिन कैटिगरी के हिसाब से भी IAS,IPS और IFS का चयन होता है ऐसे में 500 – 700 के रैंक वाला भी IAS, IPS और IFS बन सकता है।
