छत्तीसगढ़ के टॉप 10 तीर्थ स्थल, जहां एक बार जरूर घूमने जाएं

छत्तीसगढ़ भारत का एक राज्य जिसे प्राचीन काल में दक्षिण कौशल के नाम से जाना जाता है छत्तीसगढ़ में केवल अपनी खनिज संपदा और वनों के लिए प्रसिद्ध है बल्कि यह देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक और आध्यात्मिक केदो में से भी एक है यहां की धरती पर पग पग पर प्राचीन मंदिर, शक्तिपीठ और ऋषि मुनियों के आश्रम स्थित है रामायण काल से लेकर आधुनिक युग तक छत्तीसगढ़ का धार्मिक महत्व अटूट रहा है।
छत्तीसगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता प्राचीन मंदिरों और समृद्ध आदिवासी संस्कृति के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है यह पर्यटक की दृष्टि से किसी स्वर्ग से काम नहीं है। ऐसे में आज हम बात करने वाले हैं छत्तीसगढ़ के 10 प्रसिद्ध तीर्थ स्थल के बारे में अगर आप नहीं गए हैं, घूमने तो एक बार इन स्थलों पर जरूर जाएं।
छत्तीसगढ़ के 10 प्रमुख तीर्थ स्थल
1 मां बमलेश्वरी देवी मंदिर डोंगरगढ़
राजनांदगांव जिले में स्थित डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ का सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थल में से एक है यहां 1600 फीट ऊंची पहाड़ी पर मां बमलेश्वरी का भाव मंदिर स्थित है, कहां जाता है कि इस मंदिर का निर्माण राजा वीर सेन ने करवाया था, यहां अक्सर लोगों का भीड़ रहता है लेकिन नवरात्रि के दौरान लाखों की संख्या में पहुंचते हैं। मंदिर पर चढ़ने के लिए 11 00 सीढ़ियां और पहाड़ों के ऊपर स्थित मां बमलेश्वरी का मंदिर आकर्षण का केंद्र होता है इसके अलावा आधुनिक ‘ रोपवे’ भी उपलब्ध है जिसके द्वारा आप बिना सीधी चढ़े ऊपर जा सकते हैं।
अगर आपने अभी तक मां बमलेश्वरी नहीं घूमा है तो एक बार जरूर घूमे।
2.दंतेश्वरी माता मंदिर दंतेवाडा
बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा में स्थित दंतेश्वरी मंदिर छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीर्थ स्थलों में गिना जाता है, इस मंदिर को भारत के 52 शक्तिपीठों में से एक अत्यंत शक्तिशाली केंद्र माना जाता है मान्यता है कि यहां मां सती का दांत गिर था यह मंदिर संखनी और डंकनी नदियों के पवित्र संगम पर स्थित है, यह मंदिर दक्षिण भारतीय और चालुक्य श्रेणी का मिश्रण है बस्तर का प्रसिद्ध दशहरा उत्सव इसी मंदिर में शुरू होता है जहां मां दंतेश्वरी की डोली निकाली जाती है।
मां सती की शक्तिपीठों में से एक यह मंदिर में रोजाना दर्शन पहुंचते हैं नवरात्रि और त्योहारों में यहां लाखों की संख्या में लोग पहुंचते हैं।
3.राजिम लोचन मंदिर राजिम गरियाबंद
छत्तीसगढ़ की तीन नदी महानदी, पैरी और सोदूर नदी के त्रिवेणी संगम में स्थित छत्तीसगढ़ का राजिम लोचन मंदिर जिसे छत्तीसगढ़ का प्रयागराज भी कहा जाता है, भगवान विष्णु को समर्पित राजिम लोचन मंदिर आठवीं शताब्दी में बनाया गया वास्तु कला का एक बेजोड़ नमूना है इस मंदिर की दीवारों पर की गई नक्काशी और मूर्तियां अद्भुत हैं, तीन नदियों के संगम में स्थिति यह मंदिर देखने में भव्य और मनमोहन होता है।
प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक यहां भी भव्य कुंभ मेले का आयोजन होता है, जिसमें देशभर के साधु संत शामिल होते हैं राजिम लोचन मंदिर भी एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है यह सिर्फ तीर्थ स्थल नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ का प्रयागराज है जहां कुंभ मेले का आयोजन होता है और देश भर के साधु संत शामिल होते हैं।
4. भोरमदेव मंदिर कवर्धा
छत्तीसगढ़ के भोरमदेव मंदिर भी छत्तीसगढ़ की प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है यह कबीरधाम कवर्धा जिले में स्थित है जिसे छत्तीसगढ़ का खजुराहो भी कहा जाता है, मंदिर के चारों तरफ सतपुरा पहाड़ियों से घिरा है जिससे लोगों को और भी अपनी तरफ खींचता है, इस मंदिर का निर्माण 11वीं शताब्दी में फड़ी नाग वंश की राजा रामचंद्र ने करवाया था,
इस मंदिर के बाहरी दीवारों पर कामसूत्र और पौराणिक कथाओं की जटिल नकाशी की गई है यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, मंदिर की दीवारों पर बने पुरानी नक्काशी अद्भुत है जिसे सोचने पर मजबूर कर देता है।
5. मां महामाया मंदिर रतनपुर
बिलासपुर जिले में स्थित रतनपुर गांव में महामाया मंदिर भी छत्तीसगढ़ की प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है यहां मां महामाया का प्राचीन मंदिर स्थित है इस मंदिर का निर्माण कलचुरी राजवंश के राजा रतन देव प्रथम द्वारा 11वीं शताब्दी में बनवाया गया था यह 52 शक्तिपीठों में से एक सिद्ध पीठ है, इस मंदिर के गर्भ विग्रह में मां महामाया और मां सरस्वती की प्रतिमा एक साथ विराजमान है जो बहुत ही भव्य है।
नवरात्री या त्योहार में मां महामाया मंदिर में लाखों श्रद्धालु आते हैं यहां नवरात्रि में हजारों की संख्या में ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाते हैं।
6. गिरोधपुरी धाम बलौदा बाजार
गिरौदपुरी धाम छत्तीसगढ़ के संतनाम पथ के अनुयायियों के लिए सबसे प्रसिद्ध और पवित्र स्थान है यहां महान संत बाबा गुरु घासीदास की जन्म स्थल और तपोभूमि है, यहां कुतुब मीनार से भी ऊंचा लगभग 77 मी का एक विशाल जैतखाम बनाया गया है जो सफेद संगमरमर जैसे प्रतीत होता है यह शांति और समानता का प्रतीक माना जाता है,
इसके पास में ही छाता पहाड़ और पंच कुंडी स्थित है जहां बाबा गुरु घासीदास ने तपस्या किया था यह भी छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है जहां आप एक बार जरूर घूमने जाएं।
7. चंद्र हंसिनी देवी मंदिर चंद्रपुर
महानदी के पावन तट पर स्थित मां चंद्र हंसिनी देवी का मंदिर भी छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है मां चंद्र हंसिनी मंदिर भक्तों की गहरी आस्था का केंद्र है, माना जाता है की मां का चेहरा चंद्रमा की आकृति जैसे होने के कारण इनका नाम चंद्र हंसिनी पड़ा मंदिर परिसर में भगवान कृष्ण की विशाल प्रतिमा और महाभारत काल के दृश्यों के मूर्तियों के माध्यम से दिखाया गया है।
यहां की प्राकृतिक छाता मां को मोह लेती है चंद्र हंसिनी देवी मंदिर सकती ,जांजगीर चांपा में स्थित है।
8. लक्ष्मण मंदिर और आनंद प्रभु कुटी विहार सिरपुर
सिरपुर की लक्ष्मण मंदिर महानदी किनारे बसा एक ऐतिहासिक और प्राचीन धार्मिक मंदिर है, यह लाल ईटों से बना भारत का सबसे प्राचीन और सुंदर मंदिरों में से एक है यह गुप्तकालीन वास्तुकला का अनुपम उदाहरण है, सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर यह न सिर्फ छत्तीसगढ़ से बल्कि देश के अलग-अलग हसन से भी पर्यटक देखने आते हैं।
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9.जामताई और घटारानी मंदिर
यह भी छत्तीसगढ़ की प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक इस जगह में प्रकृति का अध्यात्म का मेल देखा जाता है, जामताई के पहाड़ पर स्थित इस मंदिर के पास एक विशाल झरना जीता है मंदिर की छत पर बनी मूर्तियां और गुफाएं इस रोमांचक बनाती है यह जंगलों के बीच स्थित झरना मां को मोह लेती है, जामताई से 25 किलोमीटर दूर स्थित घाट रानी माता मंदिर भी घने जंगलों और झरनों के बीच स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है यहां की हरियाली और शांति मां को सुकून देती है।
10. डोंगरगढ़ का प्रज्ञा गिरी
यह डोंगरगढ़ जिले के मां बमलेश्वरी मंदिर के ठीक सामने वाली पहाड़ी पर प्रज्ञा गिरी स्थित है यहां भगवान बुद्ध की एक विशाल सुनहरी प्रतिमा पहाड़ी की चोटी पर स्थित है यह स्थल विश्व शांति और करुणा का संदेश देता है यहां हर वर्ष फरवरी माह में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन आयोजित किया जाता है जिससे विदेश से भी भिक्षु और विद्वान भाग लेते हैं।
अंत में
तो यह है दोस्तों छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीर्थ स्थल जहां पर अगर आप अभी तक घूमने नहीं गए हैं तो यह आपके लिए घूमने का महत्वपूर्ण जगह हो सकता है, यह सभी तीर्थ स्थल प्रसिद्ध और प्राचीन है जहां पर आपको प्राचीन वास्तुकला के नमूने भी देखने को मिलेंगे, इसके अलावा प्राचीन चित्रकला की नक्काशी भी देखने को मिलेगा जो एक अद्भुत और भव्य है।
